शी (२ आ. प.) शी (२ आ. प.) - झोपणे अस् (२ प. प.) अस् (२ प. प.) - असणे हन् (२ प.प.) हन् (२ प.प.) - ठार मारणे या (२ प. प.) या (२ प. प.) - जाणे ब्रू (२ उ. प.) प. प. ब्रू (२ उ. प.) प. प. - बोलणे ब्रू (२ उ. प.) आ. प. ब्रू (२ उ. प.) आ. प. - बोलणे दा (३ उ. प.) प. प. दा (३ उ. प.) प. प. - देणे दा (३ उ. प.) आ. प. दा (३ उ. प.) आ. प. - देणे धा (३ उ.प.) प.प. धा (३ उ.प.) प.प. - ठेवणे धा (३ उ.प.) आ. प. धा (३ उ.प.) आ. प. - ठेवणे नृत् (४ प. प.) नृत् (४ प. प.) - नाचणे कुप् (४ प. प.) कुप् (४ प. प.) - रागावणे स्निह् (४ प. प.) स्निह् (४ प. प.) - प्रेम करणे तुष् (४ प. प.) तुष् (४ प. प.) संतुष्ट होणे शम् - शाम् (४ प. प.) शम् - शाम् (४ प. प.) - शांत होणे जन् - जा (४ आ. प.) जन् - जा (४ आ. प.) - उत्पन्न होणे मन् (४ आ. प.) मन् (४ आ. प.) - मानणे, समजणे विद् (४ आ. प.) विद् (४ आ. प.) - असणे युध् (४ आ.प.) युध् (४ आ.प.) - लढणे पद् (४ आ. प.) पद् (४ आ. प.) - जाणे युज् (४ आ. प.) युज् (४ आ. प.) - जुळणे, योग्य असणे रञ्ज् - रज्ज् (४ उ. प.) प. प. रञ्ज् - रज्ज् (४ उ. प.) प. प. - रंगविणे रञ्ज् - रज्ज् (४ उ. प.) आ. प. रञ्ज् - रज्ज् (४ उ. प.) आ. प. - रंगविणे आप् (५ प. प.) आप् (५ प. प.) - मिळविणे शक् (५ प.प.) शक् (५ प.प.) शक्य असणे, शकणे श्रु (५ प.प.) श्रु (५ प.प.) - ऐकणे चि (५ उ. प.) प. प. चि (५ उ. प.) प. प. - गोळा करणे चि (५ उ. प.) आ. प. चि (५ उ. प.) आ. प. - गोळा करणे वृ (५ उ.प.) प.प. वृ (५ उ.प.) प.प. - मागणे, इच्छिणे वृ (५ उ.प.) आ.प. वृ (५ उ.प.) आ.प. - मागणे, इच्छिणे लिख् (६ प.प.) लिख् (६ प.प.) - लिहिणे मिल् (६ प.प.) मिल् (६ प.प.) - मिळणे इष् - इच्छ् (६ प.प.) इष् - इच्छ् (६ प.प.) - इच्छिणे कृष् (६ प.प.) कृष् (६ प.प.) नांगरणे प्रच्छ् - पृच्छ् (६ प. प.) प्रच्छ् - पृच्छ् (६ प. प.) - विचारणे स्पृश् (६ प.प) स्पृश् (६ प.प) - स्पर्श करणे विश् (६ प.प.) विश् (६ प.प.) - शिरणे, जाणे लस्ज् - लज्ज् (६आ. प.) लस्ज् - लज्ज् (६आ. प.) - लाजणे मृ - म्रिय् (६ आ. प.) मृ - म्रिय् (६ आ. प.) - मरणे विद् - विन्द् (६ उ. प.) प.प. विद् - विन्द् (६ उ. प.) प.प. - मिळविणे स्त्रोत - संस्कृतदीपिका